Best Aladdin ki kahani (अलादीन की कहानी) 2021 – Hindio

अलादीन की कहानी (Aladdin ki kahani) हम सब बचपन से ही सुनते आ रहे हैं। यह कहानी सुनकर हम सब एक काल्पनिक दुनिया में पहुंच जाते हैं जो बहुत ही रोमांचक व रहस्यमई है। यह कहानी इतनी मशहूर और इतनी लोकप्रिय है कि इस कहानी के ऊपर कई फिल्में भी बन चुकी हैं।

अलादीन और जादुई चिराग की कहानी ( Aladdin ka Chirag story in Hindi ) – क्या आप फिर से यह कहानी सुनना चाहते हैं? अगर हां तो बने रहिए हमारे साथ इस आर्टिकल में जिसमें हमने अलादीन की कहानी (Aladdin ki kahani) विस्तार में बताइ है।

Aladdin ki Kahani – Aladdin and the Magic lamp ( Chirag ki kahani )

बहुत सालों पहले अफगानिस्तान के एक छोटे से नगर में एक दर्जी रहता था जिसका नाम मुस्तफा था। वह बहुत ही गरीब था और बहुत ही कठिनाइयों से अपना परिवार चला पाता था। वह अपनी पत्नी व अपने बेटे अलादीन के साथ रहता था। अलादीन हमेशा ही शहर की गलियों में घूमता रहता था उसके पिता उसको दर्जी का काम सिखाना चाहते थे लेकिन वह सीख नहीं सका। और कुछ महीनों बाद उसके पिता की मौत हो गई।

पिता की मौत हो जाने के बाद अलादीन की मां ने उसकी परवरिश की। अलादीन एक बहुत ही जिद्दी लड़का था फिर भी उसकी मां उससे बहुत प्यार करती थी। उसकी मां ने दुकान का सारा सामान बेच दिया व कपास बुनने का काम चालू कर दिया। इसी से उन दोनों को दो वक्त की रोटी मिल पाती थी। देखते ही देखते अलादीन 15 साल का हो गया।

एक दिन अलादीन जब अलादीन शहर की गलियों में घूम रहा था तभी अचानक एक अजनबी आदमी उसके पास आया। वह आदमी एक जादूगर था और उसे अलादीन की सारी की सारी खूबियां पता थी। दरअसल, वह आदमी एक पुरानी साजिश पूरी करने के लिए अलादीन की खोज कर रहा था।

वह जादूगर आदमी अलादीन के पास आया और बोला कि क्या “तुम ही मुस्तफा के बेटे हो”? अलादीन ने बोला “हां” लेकिन मेरे अब्बा तो बहुत पहले ही मर गए! उस आदमी ने अलादीन के साथ हम जल हमदर्दी जताते हुए कहा “अरे मेरे बच्चे”! मैं तुम्हारा चाचा हूं, तुम्हारे पिता मेरे सगे बड़े भाई थे और मैं उनकी मौत की खबर सुनकर अत्यंत दुखी हूं। फिर उस आदमी ने अलादीन को कुछ अशरफिया दी और कहा कि “बेटा अब तुम घर जाओ और अपनी मां से कहना कि मैं कल मिलने आऊंगा”।

फिर अलादीन अपने घर जाकर अपनी मां से पूछता है कि “मां क्या मेरे कोई चाचा है”? उसकी मां जवाब देती है कि “नहीं बेटा” तुम्हारे पिता के कोई भाई नहीं है। तभी अलादीन कहता है कि आज मुझे एक आदमी मिला था जो कि अपने आपको मेरा चाचा बता रहा था और और उसने मुझे अशर्फियां भी दी और मुझसे बोला कि “वह कल घर आएगा”!

अलादीन को उसकी मां ने समझाया कि शायद कोई तुम्हारे साथ मजाक कर रहा हो। अगले दिन वह आदमी अलादीन को फिर से मिला उसने दो सोने की अशर्फियां निकालकर अलादीन को दी और बोला कि यह सोने की अशर्फियां अपनी मां को दे देना और उनसे बोलना कि “मैं शाम को खाने पर आऊंगा”।

अलादीन (Aladdin ki kahani) तुरंत घर गया और अपनी मां को बताया। अलादीन की मां कुछ परेशान हो गई लेकिन फिर भी उन्होंने शाम का खाना तैयार किया। शाम को वह जादूगर आदमी अलादीन के घर आया और अपने साथ बहुत सारी खाने पीने का भी सामान लाया। अगरआप अलादीन के चाचा हैं तो यह बात आज तक हमें अलादीन के अब्बा ने क्यों नहीं बताई?

उस जादूगर ने उन्हें बताया कि उसका अलादीन के अब्बा से 20 साल पहले झगड़ा हो गया था! जिस वजह से में यह शहर छोड़कर बगदाद व्यापार करने चला गया था और सायद नाराजगी के कारण अलादीन के अब्बा मुझे भूल गए और इसी वजह से उन्होंने आपको मेरे बारे में नहीं बताया होगा।

जब मुझे बड़े भाई की मौत की खबर मिली तभी से मैं आप लोगों को ढूंढ रहा हूं। जादूगर की यह बातें सुनकर अलादीन की मां को विश्वास करना पड़ा। फिर उस जादूगर आदमी ने उसकी की मां से पूछा कि “अलादीन क्या काम करता है”? अलादीन की मां ने रोते-रोते कहा कि “वह कुछ नहीं करता है” और उसके पिताजी की मौत के बाद हमारे पास घर चलाने के लिए बिल्कुल भी पैसा नहीं बचा है और अब मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं करूं तो करूं क्या?

जादूगर ने अलादीन की मां से बोला कि भाभी आप चिंता ना करो मैं आप लोगों की जरूर मदद करूंगा मैं अलादीन के लिए एक दुकान खरीद लूंगा ताकि वह इज्जत की जिंदगी जी सके। यह सुनकर वह काफी खुश हुआ। अगले दिन वह जादूगर अलादीन के लिए बहुत सारे नए कपड़े लेकर आया और अलादीन की मां को भी अब उस पर विश्वास होने लगा था। अब जादूगर ने अलादीन की मां से कहा “भाभी मैं इसे कल मेरे घर ले जाना चाहता हू”। जहां में इसे दुकान के लिए धन देकर शाम तक घर भेज दूंगा। अलादीन की मां इस बात पे राज़ी हो गई।

अगले दिन वह जादूगर आदमी अलादीन को अपने साथ लेकर उसके घर से निकल दिया और उसे लेकर शहर से बहुत दूर चला आया। रास्ते में वह आदमी अलादीन को कहानियां (Aladdin ki kahani) सुनाते सुनाते एक घाटी तक ले गया वहां एक जगह पर आकर रुक गया। वह जगह बहुत ही ज्यादा डरावनी थी तभी जादूगर ने एक मंत्र पढ़ा जिससे वहां पर एक पत्थर निकल आया। यह सब देख अलादीन बहुत ही डर गया था और वह वहां से भागने लगा तभी जादूगर ने उसे पकड़ लिया।

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Aladdin ki kahani – Mid Part

फिर जादूगर ने उस पत्थर को दबाया और तभी एक सुरंग का दरवाजा अपने आप खुल गया जो कि जमीन से 5 – 6 फीट अंदर था। यह सब देख कर आ दिन बहुत डर गया था तभी जादूगर ने अदालिन से कहा कि बेटा डरो मत इस सुरंग के अंदर एक बहुत ही बड़ा खजाना है जिसको सिर्फ और सिर्फ तुम ही ला सकते हो और कोई उस खजाने को छू भी नहीं सकता।

यह सुनकर अलादीन बहुत ही खुश हो गया और पूछने लगा कि चाचा जी, चाचा जी यह खजाना पाने के लिए “मुझे क्या करना होगा”? फिर जादूगर ने उसे बताया कि बेटा तुम को इस सुरंग के अंदर जाना पड़ेगा, इस सुरंग में एक जलता हुआ चिराग है जिसे तुम को ढूंढ कर लाना है, वही चिराग तुमको खजाने तक पहुंचाएगा। एक बात जरूर याद रखना कि जाते वक्त रास्ते में कुछ भी मत छूना वरना तुम वही मर जाओगे और चिराग के बिना तुम वापस नहीं आ पाओगे इसलिए चिराग को लाना मत भूलना।

फिर अलादीन रस्सी के सहारे उस सुरंग में जाता है और रास्ते में कहीं कठिनाइयों का सामना करते हुए आखिरकार चिराग तक पहुंच जाता है। वह चिराग के पास जाता है और चिराग को हो जाता है तभी अचानक धरती हिलने लगती है। तभी अलादीन चिराग को उठाता है और वहां पड़े हुए एक थैले में भरकर भागता हुआ वहां से निकलता है।

कई मुश्किलों के बाद ऐसे तैसे वह वही सुरंग के पास पहुंच जाता है जिस जहां से वह अंदर आया था। वहां पर उसका चाचा उससे बोलता है कि बेटा पहले तुम मुझे चिराग दे दो फिर मैं तुमको भी ऊपर चढ़ा लूंगा यह सुनकर अलादीन को गुस्सा आ जाता है और वह बोलता है कि आप रस्सी पर किए मुझे ऊपर चढ़ाई है फिर आपको जो भी चाहिए हो वह ले लेना।

अलादीन, उस जादुई आदमी की मदद के बिना ऊपर नहीं आ सकता था। जादूगर आदमी ने बहुत बार अलादीन से चिराग देने को कहा लेकिन अलादीन को अब उस पर विश्वास नहीं रहा था। तभी उस जादूगर को गुस्सा आ गया और उसने अपने मंत्र से वह सुरंग वापस बंद कर दी। वह जादूगर सुरंग को बंद करके वापस अपने घर चला गया और विचारा अलादीन सुरंग के अंदर ही फस गया और अपनी किस्मत पर रोने लगा। अलादीन ने अपनी मदद के लिए बहुत चिल्लाया लेकिन उसे सुनने वाला वहां कोई नहीं था।

2 दिन बीत गए थे उसकी मां अलादीन की चिंता कर रही थी और वह भूखा प्यासा वही बंद था। अलादीन अपनी मां के दिए हुए ताबीज को हाथ में रखकर अल्लाह को याद करने लगा। तभी उस जादुई ताबीज की शक्तियों से बाहर आ गया। वह वह चिराग लिए हुए हारा थका हुआ अधमरा अपने घर आ गया। उसने अपनी मां को उस धोखेबाज आदमी के बारे में सब कुछ सच सच बताया। और अपनी मां से खाना मांगने लगा। तभी उसकी निराश ना कहने लगी कि बेटा खाने को घर में कुछ भी नहीं है मैं बाहर जाती हूं कुछ काम करके पैसे जमा करती हूं।

थका हारा अलादीन तभी बोलता है कि मां यह बेकार सा चिराग बेच दो शायद इससे कुछ रुपए मिल जाए। उसकी मां मां बोलती है कि चिराग की हालत तो बहुत गंदी है इसको मैं साफ कर लेती हूं तो शायद इसकी कीमत बढ़ जाए। अलादीनचिराग को साफ करने के लिए उठाता है और वह चिराग को जैसे ही गुस्सा करने के लिए किसने लगता है तभी चिराग में से धुआं सा निकने लगता है। चिराग में से एक जिन निकला है।

उस जिन को देखकर अलादीन की मां बेहोश हो जाती है लेकिन अलादीन जागाह रहता है। वह जिन बोलता है “क्या हुक्म है मेरे आका”। तभी अलादीन जिज्न से बोलता है कि “तुम मेरे लिए क्या कर सकते हो”?तभी जिन बोलता है कि जो आप चाहो मैं आपके लिए वह कर सकता हूं तभी अलादीन कहता है कि क्या तुम हमारे लिए खाना ला सकते हो जिन कहता है अभी रुकिए है मेरे आका। और चीन वहां से गायब हो जाता है कुछ ही पल बाद में वह खाना लेकर अलादीन के सामने आ जाता है।

जेसे ही अलादीन की मां को होश आया अलादीन ने अपनी मां को जिनके बारे में सब कुछ बता दिया। पहले तो उन दोनों ने सारा खाना खाया फिर अलादीन ने अपनी मां को बताया कि जिन उन दोनों को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा। अब वह जिन से रोज-रोज बहुत सारा पैसा मांगने लगा और शहर वालों को बताने लगा कि कि यह सब उसके चाचा की संपत्ति है जो कि उन्होंने अलादीन के नाम कर दी है।

About Aladdin – WikiPedia

Aladdin ki kahani – Last Part – Aladdin ke Chirag ki kahani!

एक दिन उसके शहर में वहां की राजकुमार जैस्मिन आई। उन्हें देखकर वह उन पर मोहित हो गया। अलादीन राजकुमारी जैसमिन के साथ शादी करने की सोचने लगा। लेकिन फिर उसने सोचा की राजकुमारी भला एक दर्जी की बेटी से शादी क्यों करेंगे उसने चिराग इस कजिन को फिर से बाहर बुलाया और कहा “ए मेरे दोस्त मुझे राजकुमारी जैस्मिन से प्यार हो गया है” और तू जानता है राजा अपनी बेटी की शादी एक दर्जी के बेटे से कभी भी नहीं करेगा इसीलिए मैं चाहता हूं तुम मेरे लिएकिस्तान में एक शानदार महल बना जिसका राजा बनकर मैं राजकुमारी जैसमिन से शादी का प्रस्ताव रख लूंगा।

जिन ने अपने आका अलादीन की मांग पूरी करते हुए एक शानदार महल बना दिया और अलादीन को वहां लेकर चला गया। जिन्हें वहां पर उसके लिए दास व दासिया और नगरवासी भी रख दिए। अलादीन ने उस महल का नाम गुलिस्तान रख दिया और खुद को गुलिस्तान का राजा घोषित कर दिया।

फिर अलादीन (Aladdin ki kahani) ने अपनी मां को राजा के यहां शादी का प्रस्ताव लेकर भेजा व बहुत सारे सोने के आभूषण भी भेजें। जिसे देखकर राजा बहुत ही खुश हुआ बस शादी के लिए मान गया।अलादीन की राजकुमारी जैसमिन से शादी हो गई और वह उसे महल में लेकर आ गया।वह महल इतना अत्यंत सुंदर था कि इस महल को देखकर राजकुमारी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों अत्यंत खुश थे।

फ़िरतभी उस जादूगर आदमी को भी अलादीन बचरा के बारे में पता चला तो वह उसे ढूंढते ढूंढते गुलिस्तान तक आ पहुंचा। एक दिन जब अलादीन शिकार के लिए गया हुआ था तभी उस शहर में जादूगर आदमी चिराग बेचने वाला बन के आया। वह अलादीन केमहल के बाहर जोर जोर से चिल्लाने लगा “पुराना चिराग ले आओ, नया चिराग ले जाओ” पुराना चिराग ले आओ उसके बदले नया चिराग ले जाओ!

अलादीन की पत्नी को उसकी दासी ने बताया कि उसने तक आने में एक बहुत ही पुराना चिराग देखा है और उन्हें इसे बेचकर नया चिराग खरीद लेना चाहिए। अलादीन की पत्नी को उस जादुई चिराग के बारे में नहीं पता था और उन्होंने जादूगर आदमी को पुराना जादुई चिराग देकर नया चिराग खरीद लिया। उस जादुई चिराग को पाकर उस जादूगर आदमी की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा को बहुत खुश हो गया।

वह उस चिराग को लेकर शहर से बहुत दूर आ गया उस चिराग को गुस्सा फिर उसमें से वही जिन निकलाऔर बोला क्या हुक्म है मेरे आका क्योंकि यह चिराग जिसके पास भी होता था जिन उसी को अपना मालिक मानता था और उसिका गुलाम हो जाता था। उस आदमी ने जिनको गलत स्थान को उठाकर अपने घर अमेरिका ले जाने को कहा जिन ने अपने आका की बात मानी अब पूरी भी की। वह राजकुमारी समेत पूरे गुलिस्तान को उठाकर अफ्रीका ले आया।

उसी दिन राजा का वजीरिस्तान में राजकुमारी से मिलने आया किंतु वहां पर उसे पूरी जगह खाली मिली तो उसने यह बात आकर राजा को बताइ।और कहने लगा कि मैंने आपको पहले ही कहा था कि यह सब जादू का कमाल हो सकता है। फिर जब अलादीन शिकार से वापस आया तो उसे भी बहां खाली रेगिस्तान दिखा। राजा ने अपने सैनिकों से अलादीन को बंदी बनवा लिया बार राजा ने उससे पूछताछ की कि मेरी बेटी कहां है बता वरना मैं तेरी जान ले लूंगा।

अलादीन (Aladdin ki kahani) ने राजा से विनती करते हुए 40 दिन की मोहलत मांगी और बोला कि मैं आपकी बेटी को सही सलामत 40 दिनों में ढूंढ के लाऊंगा राजा ने उस को 40 दिन की मोहलत दे दी और बोला अगर 40 दिनों में तो वापस नहीं आया तो मैं तुझे ढूंढ के मार डालूंगा। उसने राजकुमारी जैस्मिन को बहुत ढूंढा किंतु उसे वह नहीं मिली दर-दर की ठोकरें खाते हुए उसे एक मौलवी ने जादुई कालीन दिया जिस पर बैठकर वह जादुई आदमी के पास अफ्रिका पहुंचा।

वह रात में चुपचाप से राजकुमारी के पास पहुंचा था उसे जादुई चिराग के बारे में सब कुछ बताया। राजकुमारी को अपनी भूल का बहुत ही पछतावा हुआ। फिर राजकुमारी ने अलादीन को बताया कि वह जादूगर आदमी हमेशा उस जादुई चिराग को अपने पास ही रखता है। अलादीन ने राजकुमारी जैस्मिन से कहा कि उस जादूगर से शादी करने के लिए हां कर दो जिससे उसका ध्यान भटक जाएगा और मैं चुपचाप से जादुई चिराग चुरा लूंगा।

राजकुमारी जैस्मिन ने अलादीन की बात मानी और उसे शादी के लिए हां बोला, जिसकी वजह से वह बड़ा खुशी के मारे जस्न मनाने लगा। तभी राजकुमारी जैस्मिन ने उस जादुई आदमी की शराब में नींद की दवा मिला दी जिसे पीकर वह बेहोश हो गया। तभी अलादीन चिराग लिया और उसको खींचकर जिन को बुलाया और उसे सब कुछ पहले जैसा करने को बोला।

जिन अपने आका की आज्ञा का पालन किया और गुलिस्तान को फिर से उसी रेगिस्तान में वापस ले आया। फिर बहन राजा के पास गया राजकुमारी जैस्मिन के साथ और राजा को सारी बात बताइ। फिर अलादीन और उसकी पत्नी जैस्मिन खुशी खुशी से गुलिस्तान में रहने लगे। जबतक तक पर जादुई आदमी नींद से उठा दो तक बहुत देर हो गई थी और उसे फिर इस बात का बहुत पछतावा हुआ।

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Concusion –

आशा करता हूं कि आपको यह अलादीन की कहानी (Aladdin ki Kahani) अच्छी लगी होगी। इस आर्टिकल में हमने आपको Aladdin ki Kahani की पूरी कहानी विस्तार में बताई है।

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