Bhoot ki kahani in hindi | 2021 की सच्ची घटना

Bhoot ki kahani in hindi:- अगर आप लोग भूत की कहानी इन हिंदी ( Bhoot ki kahani in hindi ) को धुंध रहे हैं।  मेरे लिए बटा दू की आप सही जगह पर हैं।

 यह मेने एक सच्ची घटना पर आधार भूत की कहानी हिंदी में शेयर की है।  मेरे हिसब से ये आप सभी को भूत पसंद आएगी।


Bhoot ki Kahani In Hindi – Sachchi Ghatna

यह कहानी मेरे साथ तब घटी थी जब मैं क्लास 10th में पडता था। नवंबर का महीना था हम सबको गुजरात के सापूतारा एक स्कूल कैंपिंग के लिए ले जाया जा रहा था। 

इस कैंपिंग में केवल 9th और 10th के ही बच्चे जा सकते थे। 9th के बच्चों की कैंपिंग 4 दिन चलि वहीँ हमारी 7 दिन। 

हमारे कैंप में क़रीब 30 से 40 बच्चे थे हम लोगों ने इस कैंप की तयारी तीन चार दिन पहले से ही करनी स्टार्ट करदी थी और हम बहुत एक्ससिटेड थे ईश सफ़र के लिये। 

इन सब में सबसे ज्यादा एक्ससिटेड हमारा ग्रुप था। मेरे ग्रुप में टोटल 6 लोग थे – दीपक, रकेश्, लक्श, जै, कृष्णा और में (आदित्य)। 

हम सारे पढ़ाई में बहुत अच्छे थे और सारे ही बहुत मस्तीखोर भी थे। हमें बस मस्ती करने का माहौल चाहिए होता और इस तरह की ट्रिप में वैसे भी कोई रोकने टोकने वाला नहीं होता है। 

रात के करीब 12 बजे बस निकलने वाली थी हमारे स्कूल से सापूतारा के लिये। हम सब को रात 10 बजे पहुँच जाना था । वहां जाकर हमारा अटेंडेंस हुआ और फिर सबको बारी बारी बस में बैठाया ग्या।

रात का वो सन्नाटेदार माहौल एक अलग ही अनुभव दे रहा था। हमारा ग्रुप और कुछ बच्चे एक साथ ही बैठे थे मैंने तुरंत खिड़की वाली सीट कब्ज़े में ले ली थी।

तभी बातों ही बातों में बस चलना भी शुरू हो गई। हम सब ने पहले अंताक्षरी खेली और फिर कुछ गप्पे लड़ाये और इसके बाद हम सब सो गये।

फिर सुबह जब आँख खुली तब 8 बज रहे थे। पता चला की हम 2 घन्टे में पहुँचने वाले है।

फ़िर आख़िरकार हम सब पहुँच ही गए। हम सबको होटल में एंट्री मीली। 

होटल ऐसा था जैसे कोई पुराने गेस्ट हाउस हम सब ने सोचा की ये स्कूल वालों ने फिर से कंजूसी की है होटल बोल कर एक खण्डर में ले आये हैं। यह सब देख कर रवि ने कहा।

रवी – अरे यार क्या तुम लोग भी हम लोग। यहाँ होटल में रहने आये हैं या मस्ती करने, होटल अच्छा नहीं तो क्या हुआ हमें तो बस शाम का इंतज़ार होना चाहिए – क्यों दोस्तों?

लक्षय – शम का इंतज़ार मतलब?

आदित्य (में) – शाम का इंतज़ार मतलब भूतों का इंतज़ार ।

यार तुम सब भूल गए हो क्या की हमने आने से पहले क्या प्लानिंग की थी?

 हम लोग रात में टीचर की सो जाने के बाद बाहर निकल लेंगे और यह पता लगाएँगे की भूत अस्लियत में होते हैं या नहीं।

लक्षय – अबे तू पागल है क्या। भूतों ने मार डाला तोह??

 इन सब चिजों से मजाक नहीं करना चाहिए यह सब करना बहुत खतरनाक होगा।

आदित्य (में) – लक्ष्य मेरे भाई आज तक तूने कभी भूतों को देखा है क्या?

लक्षय – नहीन

आदित्य (में) – तो फिर तो दर क्यों रहा है यार । हम सब मिलकर कैमरा में रिकॉर्ड करेंगे ना अगर भूत हुआ तो!

बहुत मजा आएगा दोस्तों ऐसा मौका कहाँ मिलता है।

इन सब के बाद फिर आधे लोग एक कमरे में थे और आधे लोग एक कमरे में और हम सब लोग अलग अलग जगह घुमने चले गए।

एक बात और जब हम बस में थे तभी हम लोगों ने खिड़की से होटल के पास थोड़ी डोर एक कब्रिस्तान देखा था। अब क्या था हमें सिर्फ शाम का इंतज़ार था। 

शाम हुई फिर 30 लोगों मै से केवल 15,16 लोग ही तइयार हुए सब ने जैसे ही सुना की हम कब्रिस्तान जा रहे हैं तो कुछ लोगों ने तो दर के मारे ही इंकार कर दिया।

फिर सारे 15-16 लोग ही गए । हम लोगों ने स्वेटर पहना और टोर्च लेकर निकल गए कब्रिस्तान की तरफ। हमें पता नहीं था की यह सफ़र कितना खौफनाक होने वाला है कुछ देर तक तो वहां कुछ नहीं हुआ हम लोग इधर उधर घूमने रहे।

हम लोग वहां करीब 3 घन्टे से रूके हुए थे कुछ लोग अपने फ़ोन में गेम खेल रहे थे व कुछ गप्पे मार  रहे थे। साथ ही हम सबको यकीं हो गया था की भूत भूत कुछ नहीं होता।

हम लोगों में से काफी लोगों को नींद भी आने लगी थी इसलिए हम सब लोगों ने वापस होटल लौटने का मन बना लिया।

Bhoot ki kahani in hindi

हम जैसे ही मुढ़े। होटल की तरफ चलने लगे तभी वहां पर काफी तेज हवा चलना स्टार्ट हो गई कुछ अजीब सी आवाज़ें आने लागी। सरे मोबाइल के नेटवर्क भी आना बंद हो गये।

कचनाक आँधी इतनी तेज हुई की एक बड़ा सीधे वहां जमीन पर गिर पडा।

यह देखकर सब के सब दर गए किसी की हिम्मत नहीं थी कोई वहां एक मिनट भी रुके। सब के सब तेज़ रफ़्तार में वहां से भाग निकले।

ईसी बीच मेरे साथ एक अजीब सी घटना घटी। मैं भाग तो रहा था लेकिन मैं उतनी तेजी से आगे नहीं जा पा रहा था मुझे ऐसा लग रहा था की किसी ने मुझे पीछे से पकड़ रखा है।

होटल ज्यादा दूर नहीं था थोड़ी देर में मुझे ऐसा लगा की मुझे छोड़ दिया और मैं नार्मल रफ़्तार में भाग ने लगा था तभी अचानक मुझे ऐसा लगा की किसी ने मेरे पेरो के सामने अपना पेर रख दिया हो।

जीस्कि वजह से मैं मुँह के बल गिर पड़ा फिर तुरंत उठकर में किसी तरह होटल पहुंचा और रूम में पहुँच गया और सब ने दरवाजा कस्के बंध कर लिया एक तरफ हम लोग को टीचर्स का भी दर लग रहा था क्यूंकि अगर उन्हें पता लगता तो हम लोग के लेने के देने पड़ जाते।

हम सब लोग सोने का पिरियास कर रहे थे लेकिन दर के मारे नींद किसी को नहीं आ रही थी जैसे ही कुछ लोगों को नींद आने लगी थी तभी अचानक दरवाजे को किसी ने खटखटाया।

कोई भी दर के मारे दरवाजा खोलने नहीं जा रहा था फिर एक बार किसी ने जोर से दरवाजा खटखटा या लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। उसके बाद दरवाजे से आवाज़ आना बंद हो गई और हम सब सो गये। 

सूबह उठकर जो लोग नहीं गए थे उन्हें हमने सारी बात बताइ लेकिन हमें एक बात कटक ने लगी थी की आखिर कल रात में दरवाजा कौन खटखटा रहा था।

कयूंकि टीचर्स और सब तो ऊपर के फ्लोर में थे फिर हमने जाकर टीचर्स स पुचा भी पर सबने मना कर दिया ।

ईसी के साथ हमें दो दिन हो चुके थे वहां । फिर अचानक मेरे मन में ख्याल आया की हमें फिर उसी कब्रिस्तान में एक बार और जाना चहीए।

जब मैंने यह बात अपने दोस्तों को बताइ तब सब मेरे ऊपर भडकने लगे और बोलने लगे की तुझे जाना है तो अकेले जा हम तेरी वजह से नहीं मरना चाहते। 

मनखुश- आदित्य तुझे हर चीज मजाक लगती है क्या?  जा में तुझे चैलेंज करता हु की अगर तूने कब्रिस्तान में जाकर 10 मिनट तक वीडियो बना ली और 10 मिनट तक वहां रुक गया तो मैं तुझे 1000 रुपये डुंगा।

आदित्य (में) – अब बात मेरी सेल्फ रेस्पेक्ट पर आ गई थी तो अब जाना तो जरुरी ही है ।

दोस्त – आदित्य एक बात बता तू इतना पागल क्यों है भूतों से मिलने के लिए या भूतों का वीडियो रिकॉर्ड करने से तुझे क्या फायदा होगा।

आदित्य (में)- फिर मैने उसके कान में कहा अरे भूत फुट कुछ नहीं होता भाई । मैं तो सब का बहन दूर करना चाहता हूं और सब को दिखाना चाहता हूँ की यह भूत प्रेत सब बकवास बातें होती है।

आज रात में फिर से उसी कब्रिस्तान में जाउँगा और वीडियो बनाऊँगा अगर कुछ भूत होता है तो वह मेरी वीडियो में आ जाएगा और सोच भाई मेरी वीडियो कितनी वायरल हो जाएगी फिर जिससे में कितने रुपये कमाउंगा और कितना फेमस हो जाऊंगा।

औरअगर भूत नहीं हुआ वहां तो सोच सब लोग मुझे कितना बहादुर मानेंगे और ऊपर से उसे मन कुश मुझे चैलेंज भी कर दिया है बाकि तुझे तो पता ही है की आप में कब से लैपटॉप के लिए पैसे जमा कर रहा हुन तो मेरे पैसे भी बढ़ जाएंगे।

दोस्त – यार तू सच में पागल है। यह बहुत खतरनाक है।

आदित्य (में) –सच कहूं तो मैं थोड़ा दर तो रहा था लेकिन लालच की वजह से मैं अँधा हो गया था।

जैसे ही शाम हुई।

मानखुश-  दिन मेंतोह भूतों की बात करने में दर नही लगता पर रत में तोह बहुत दर लगता है। अब जाकर दिखा।

अब अगर में नहीं जाता तो सब लोग मेरा मजाक बनाते। मुझे सब लोग दरपोक  कहते । इसीलिए मैने तय कर लिया था कि वहां तो मैं जाकर ही रहुंगा।

रात के करेक्ट १२:०० बजे मनकुष ने बोला जा अगर तूझ में डम है तो अब जा।

उसने मुझे डराने के लिए कहा की देख कब्रिस्तान है। वहां कुछ भी हो सकता है वहां भूत रेह्ते हैं अगर तुझे कुछ हुआ उसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी।

आदित्य (में) – मैं भूत भूत से नहीं डरता हूं।

फिर जैसे तैसे में कब्रिस्तान पहुंचा। वहां सिर्फ चाँद की रोशनी ही दिख रही थी हर तरफ अँधेरा ही अँधेरा कोहरा ही कोहरा था। फिर मैं एक कबर पर बैठ गया मुझे लगा शायद यह कोई बैठने की जगह है

अंधेरे पर मुझे नहीं पता था की मैं किसी की कवर पर बैठा हूं।

कुछ समय तो मुझे हिम्मत छुडाने में लगी । फिर मैं धीरे धीरे अपना फ़ोन निकला और सेल्फी कैमरा खोल लिया।

मै चुप चाप वीडियो बनाये जा रहा था लेकिन तभी मुझे अपने कैमरा में मेरे पीछे कोई आदमी आता हुआ दिखा जिश्कि गंदन टुटी हुई थी और जिस्का एक हाथ म भी नही था।

मेने तुरंत ही पीछे मुड़कर देखा तो मुझे कोई नही दिख।। मुझे लगा की ये मेरा कोई बेहेम होगा।

फिर से मेने कैमरा से वीडियो रिकॉर्ड करना स्टार्ट कर दी तो फिर से मुझे वही आदमी अपने पीछे दिखा और अब वो मेरे बहुत ही पास में था ।

मैने फिर से पीछे मुध कर देखा। वहां पर फिर से कोई नहीं था अब मेरे पसीने छुटने लगे थे मेरा कलेजा मेरे मुँह को आने लगा था।

मैं धीरे धीरे चुपचाप थोड़ी आगे जाकर बैठ गया मुझे अपने नीचे किसी के डांटने की आवाज़ आयी मैने जैसे ही मैं निचे देखा तो पाया की मैं एक कब्र पर बैठा था यकीं मनो की वह कब्र हिल रही थी और तभी अचानक में पीछे गिर पढ़ा।

मैं दर के मारे पीछे की ओर कदम बढाने लगा था। तभी मुझे लगा की मैं किसी चीज से टकरा गया उस टाइम मेने हिम्मत करके पीछे देखा तोह वो एक पेड़ था ।

वह पेड़ बहुत डरावना सा था । मैं तुरंत उठकर वहां से भगा । वही बगल में एक पेड़ और था मैं चुपचाप उसे पेड़ के पीछे जाकर चुप ग्य।

मुझे लगा शायद अब मुझे कोई नहीं देख रहा था। भगवन का नाम लेते लेते होटल की तरफ बढ़ने लगा।

कचनाक तभी ज़ोर ज़ोर से हवा चलने लगी यकीन मनो मेरे मुह से चीख़ निकल गयी और मुझे लगा की शायद आज मैं नहीं बचूँगा और तभी मैं पीछे की तरफ गिर पढा।

मैने सपनोँ में भी नहीं सोचा था की मुझे कभी ऐसे खौफनाक पलो से भी गुज़रना पडेगा। में चुपचाप बैठा रहा। बहुत हिम्मत करके में जैसे ही उढा।

तभी अचानक पीछे से एक आवाज़ आयी की भाग जा भाग जा यहां से वार्ना यहाँ इसी क़ब्र में तू भी दफ़न  हो जाएग। वह आवाज़ सुनकर में इतना दर गया की सिधे भागते भागते अपने रूम में पहुंचा।

मैं बहुत ज्यादा दरा हुआ था। मैंने वहां सभी को सा री बातें बतायी लेकिन किसी ने भी बिलकुल यकीं नहीं किया।

अगले दिन हमें वापस जाना था सब के सब सुबह जल्दी उठकर तइयार हो चुके थे मैं थोड़ा लेत था मैं अपने विस्तर से उठा और फ्रेश होने के बाद कपडे पेहनने लागा।

तभी अचानक मेरा बेद हिलने लाग। मेंने जब निचे देखा तोह मुझे कोई नही दिखा फिर अचानक शावर से पानी टपकने की आवाज़ आने लागी। मैं बाथरूम में गया तो देखा शावर सच में ऑन था।

ओर मुझे अच्छे से याद् था की मैं शॉवर बंद किया था फिर ये ऑन किसने किया?

मे शावर बंद करके लौटा तो फिर से पानी टपकने की आवाज आने लागी। अब मुझे पूरा यकीं हो गया था की यहाँ मेरे आलावा कोई और भी है।

मैन इतना दर गया था की मैंने अपने दोनों हाथों को जोड़ा और लगातार माफिया माँगने लगा और तुरंत मैं अपना बैग उठाया और भागकर अपनी बस की के पास पहुँच गया ।

हम जैसे ही वहां से चले तभी रास्ते में मुझे वही कब्रिस्तान दिखा जिसे देख कर मैं बहुत ज्यादा दर गया था । सच कहूं तो उस दिन के बाद मैं कभी जिंदगी में इस तरह के मौज मस्ती करने की कभी नहीं सोचि।

आज भी जब मैं उस किस्से को याद् करता हूँ तो मेरी रूह कांप जाती है। उसके बाद भी मुझे काफी बार उस कब्रिस्तान की डरावने सपने आए। 

बाद में मेरा दोस्तों ने और बाकि सब ने मेरा खूब मजाक उड़ाया जब मैने उन सबको वीडियो दिखाई तो दरअसल वह एक पेड़ था जिसकी टुटी हुई गर्दन एक पत्ता था जो दूर से काफी डरावना लग रहा था।

फिर आदित्य ने बोला की मान लिया की यह सब मेरा बहम था लेकिन वह आवाज़ वह आवाज़ जो मैंने सुनी।

लेकिन किसी ने उसकी बात नही मानि। 


Bhoot Ki Kahani In Hindi


Conclusion

ये थी आज की कहानी, आशा करता हू की आप सबी को ये कहानी पसंद आई होगी!  भूत की कहानी हिंदी ( Bhoot Ki kahani in hindi) भाग 2 के लिए कमेंट करें।

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